भारतीय ज्ञान का खजाना-35 (प्राचीन भारतीय न्याय व्यवस्था – २)

✍ प्रशांत पोळ संपूर्ण कात्यायन स्मृति में, न्यायालय की परिभाषा से लेकर, विविध प्रसंगों में किस प्रकार से न्यायदान करना चाहिए, इस पर विस्तार से…