सा विद्या या विमुक्तये
– राजेन्द्र सिंह बघेल होनहार बिरवान मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के बघपुरा ग्राम में 21 जुलाई 1930 को एक कृषक परिवार में श्री लज्जाराम…
– Sarath Edathil Ranga Hari, the great visionary whose intellectual brilliance radiated in the conceptual and idealistic areas of Vidyabharati departed this world on 29…
– वासुदेव प्रजापति हम भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा चाहते हैं। भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा तभी संभव है जब आज की व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किया…
✍ D. Ramakrishna Rao During the year under report, Vidya Bharati’s focus has been on the implementation and follow-up of the National Curriculum Framework. We…
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी शताब्दी के मुहाने पर खड़ा है। संघ को व्यापक रूप से एक विशाल और वर्धिष्णु संगठन के रूप में जाना जाता…
– पंकज सिन्हा अप्रतिम शब्द का शाब्दिक विश्लेषण से संज्ञान होता है – जिसकी कोई बराबरी जल्दी नहीं कर सकता है, जो अद्वितीय हो, जो…
– वासुदेव प्रजापति भारत विश्व का प्रथम राष्ट्र है। विश्व के अनेक राष्ट्र जब पशुवत जीवन जीते थे, तब भारत ने ही उन्हें सभ्यता व…
– कुलदीप मेहंदीरत्ता महात्मा गांधी के जीवन दर्शन से प्रभावित प्रेमचन्द : महात्मा गाँधी के प्रभाव से न केवल भारतीय बल्कि पाश्चत्य जगत के लेखक…
– वासुदेव प्रजापति प्राणों ब्रह्मेति व्यजानात् इससे पूर्व की कथा में पिता वरुण के कहने पर भृगु ने तप किया और तप करके जाना कि…