सा विद्या या विमुक्तये
– डॉ. विकास दवे इन दिनों मेरे हाथों में स्वाध्याय की दृष्टि से सुरुचि प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित ‘भारतीय शिक्षा दृष्टि’ पुस्तक है। यह…
✍ गोपाल माहेश्वरी स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर अर्वाचीन भारत के एक ऐसे विराट व्यक्तित्व हैं जिसके प्रत्येक आयाम को समन्वित रूप से देखें या…
– गोपाल महेश्वरी रोचक संयोग ही था कि भारत भूषण जी का जन्म भी पन्द्रह अगस्त 1947 को ही हुआ था और उनके पौत्री यानि…
-डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता यह एक सर्वमान्य तथा सर्वस्वीकृत तथ्य है कि भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ था। 1757 में प्लासी के युद्ध से…
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! केसर की क्यारी कश्मीर गोला बारूद की जहरीली हवा की चपेट में एक बार फिर आ गई। एक बार…
-डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता भाग्यशाली भारत भूमि पर समय समय पर महापुरुषों ने अवतार लिया है और अपनी वाणी व कलम से भारत का ही नहीं…
– वासुदेव प्रजापति “विद्यार्थी” शब्द विद्या और अर्थी इन दो शब्दों से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है – विद्या(ज्ञान) प्राप्त करने वाला। अर्थात् जो…
– हरमिंदर सिंह मलिक श्री गुरुग्रन्थ साहिब परमात्मा का शाब्दिक स्वरूप है। मानवीय आदर्श मूल्यों का अथाह कोष है। गुरु ग्रन्थ साहिब प्रत्येक शब्द मनुष्यों…
Press Statement by Shri D. Ramakrishna Rao, All India President, Vidya Bharati Akhil Bharatiya Shiksha Sansthan After consultation for six long years with academia, intelligentsia,…
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! शिवाजी महाराज केवल महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र के नायक हैं। उनका नाम स्मरण करने मात्र से पूरे…