सा विद्या या विमुक्तये
– डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और में इसे लेकर रहूँगा” की उद्घोषणा करने वाले तिलक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रांतिकारियों…
मलयालम भाषा का योगदान १८५७ का स्वतंत्रता संग्राम कई संदर्भों में अद्भुत है। यह वास्तव में भारत की जनता के विरोध की भावाभिव्यक्ति थी जिसमें…
– रवि कुमार विद्यार्थियों में विशेष गुणों के विकास की दृष्टि से अनेक विशेष आयोजनों की योजना होती है। कुछ आयोजन उस वर्ष में…
– डॉ० रविन्द्र नाथ तिवारी भारतीय ज्ञान परंपरा अद्वितीय ज्ञान और प्रज्ञा का प्रतीक है जिसमें ज्ञान और विज्ञान, लौकिक और पारलौकिक, कर्म और धर्म…
गतांक में हमने Education by Learning की चर्चा की थी। अब इस विषय पर थोड़ा और गहराई से विचार करेगे। बालक के मनोविज्ञान को समझते…