सा विद्या या विमुक्तये
– चेतनानन्द सेवा तो हो, पर सेवा करने वाला दिखायी न दे, प्रदर्शन न हो, कर्तृत्त्व अभिमान न हो और परिणाम पाने की रंचमात्र भी…
✍ रवि कुमार श्रीराम भारत की आत्मा है। श्रीराम भारत के प्राण है। श्रीराम भारत के जन जन के राम है। वे जन जन के…
✍ प्रशांत पोळ लक्ष्मण के कहने पर हनुमान जब सुग्रीव को बुलाने जाते हैं, तो राज वैभव के भोग में मग्न सुग्रीव, कुछ दिन रुकने…
✍ प्रशांत पोळ दानवों के निर्दालन तथा लंकाधिपती रावण की टोह लेते हुए श्रीराम, जानकी और लक्ष्मण का दंडकारण्य में प्रवास चल रहा है। ऐसे…
✍ प्रशांत पोळ श्रीराम, जानकी और लक्ष्मण रथ में बैठकर वनवास के लिए निकले हैं। मंत्री सुमंत्र, उनके रथ के सारथी है। सारी अयोध्या नगरी…
✍ रवि कुमार प्रसिद्ध भजन है – “हमारे साथ श्री रघुनाथ तो, किस बात की चिंता। शरण में रख दिया जब माथ तो, किस बात…