सा विद्या या विमुक्तये
✍ शिरोमणि दुबे लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर देवादिदेव भोलेनाथ की परम भक्त थीं। उनके राजकीय पत्रों में ‘श्री शंकर आज्ञा’ लिखा रहता था। देवी अहिल्या…
✍ वासुदेव प्रजापति आज हमारे देश में नाम को लेकर बहस छिड़ी हुई है। जो राष्ट्रवादी हैं, वे मानते हैं कि हमारे देश का नाम…