सा विद्या या विमुक्तये
✍ डॉ. पवन तिवारी हमारी भारतीय सनातन संस्कृति का उद्घोष है – अस्माकं वीराः उत्तरे भवन्तु (ऋग्वेद १०.१०३) अर्थात् हमारे वीर-वीरांगनायें विजयी होवें। इस गौरवपूर्ण संस्कृति…
– रवि कुमार भोजन का भी एक संस्कार होता है। आजकल के भाग-दौड़ वाले जीवन में यह संस्कार धूमिल होता दिख रहा है। भोजन क्यों…