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	<title>पर्यावरण जागरूकता Archives - राष्ट्रीय शिक्षा : शिक्षा में समाज प्रबोधन</title>
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		<title>प्रताप की रैली</title>
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		<dc:creator><![CDATA[राष्ट्रीय शिक्षा]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 Nov 2025 07:23:05 +0000</pubDate>
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										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: right;"> &#8211; रवि कुमार</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone wp-image-9093" src="https://rashtriyashiksha.com/wp-content/uploads/2025/11/85969-e1763104716848-300x201.jpg" alt="" width="1728" height="1158" srcset="https://rashtriyashiksha.com/wp-content/uploads/2025/11/85969-e1763104716848-300x201.jpg 300w, https://rashtriyashiksha.com/wp-content/uploads/2025/11/85969-e1763104716848-1024x685.jpg 1024w" sizes="(max-width: 1728px) 100vw, 1728px" /></p>
<p style="text-align: justify;">माँ प्रताप की विद्यालय के लिए तैयारी में सहायता कर रही है। माँ-पुत्र का संवाद भी साथ साथ चल रहा है। माँ ने पूछा, ‘आज विद्यालय में कुछ विशेष है क्या?’ प्रताप कहता है, ‘कल भैया जी (आचार्य) ने कुछ बताया तो था वंदना सभा में, याद नहीं आ रहा कि क्या है। वापसी आकर बता दूंगा।’ प्रताप याद करने का प्रयास करता है, पर याद आता नहीं।</p>
<p style="text-align: justify;">जैसलमेर नगर के उस विद्यालय में जाकर प्रताप को आज के विशेष कार्यक्रम की तैयारी होते दिखी। आज जल दिवस है। दीदी के साथ विद्यार्थियों का एक दल जल संरक्षण के स्लोगन की पट्टियों को व्यवस्थित करने में लगा था। प्रताप सोचना है कि यह मुझे याद क्यों नहीं रहा। क्योंकि जल सरंक्षण जैसलमेर जैसे क्षेत्र में सामान्य व्यवहार में जो है, इसलिए सहज ही है जल दिवस। यहां प्रतिदिन जल दिवस होता है। इसलिए जल दिवस के आयोजन का विशेष आकर्षण नहीं।</p>
<p style="text-align: justify;">परंतु नवीन पीढ़ी को अपने क्षेत्र की आवश्यकता व व्यवहार को आदत में बनाए रखना है, इसलिए विद्यालय में जल दिवस का आयोजन रखा गया है। वंदना सभा प्रारंभ हुई। सरस्वती वंदना के पश्चात बड़े भैया जी (प्रधानाचार्य) ने जल के महत्व पर छोटा सा बौद्धिक दिया जिसे विद्यार्थियों ने ध्यानपूर्वक सुना। एक-दो कार्यक्रम जल के महत्व को समझाते हुए भी सम्पन्न हुए। अब विज्ञान वाले भैया जी जो आज के कार्यक्रम के संयोजक थे, ने सूचनाएं दी। सूचना जल संरक्षण पर निकाली जाने वाली रैली को लेकर थी। प्रताप भी सुन रहा था। सूरज सिर पर चढ़ आया है, गर्मी बहुत है और नगर भर में पैदल रैली। यह सोचकर प्रताप मन में असहज हो रहा था।</p>
<p style="text-align: justify;">रैली बड़े उत्साह से प्रारम्भ हुई। नगर का भ्रमण हुआ। श्लोगन, बैनर ‘जल है तो कल है’, ‘जल ही जीवन है’, ‘बिन पानी सब सून’ आदि से उल्लेखित थे। विद्यार्थी नारे भी लगा रहे थे। एक दल जल संरक्षण पर गीत भी गा रहा था। बहुत ही भव्य रैली! नगर के लोगों में आज इस रैली के कारण जल के महत्व व संरक्षण की चर्चा रही।</p>
<p style="text-align: justify;">रैली पश्चात प्रतिदिन की तरह कक्षाएं प्रारंभ हुई। प्रताप आज थोड़ा असहज था। रैली में पसीना जो खूब बह गया था। घर जाकर सबसे पहले स्नान करूँगा, ये भाव बार बार मन में आ रहे थे। विद्यालय का समय पूर्ण हुआ और प्रताप घर पहुंचा। घर पहुंचने पर माँ ने प्रताप का स्वागत किया और जिज्ञासा भी व्यक्त की, ‘आज क्या विशेष हुआ विद्यालय में?’ पर प्रताप बिना कोई जवाब दिए, सीधे स्नान घर में। काफी देर हो गई, प्रताप बाहर नहीं आया। पानी बहने की ध्वनि से ध्यान आया कि पानी से खूब नहाया जा रहा है। माँ को पड़ोस से पता चला कि आज नगर में जल संरक्षण पर विद्यार्थियों की रैली हुई है। माँ तुरंत समझ गई।</p>
<p style="text-align: justify;">आज के विशेष कार्यक्रम के बारे में प्रताप बताएं इससे पहले ही माँ ने कहा, ‘जल संरक्षण की रैली का ये अर्थ नहीं कि उसके बाद स्नान करने में जल अधिक बहाया जाए।’ ‘माँ आज रैली में पसीना बहुत बहा।’ प्रताप ने कहा। माँ विद्यालय द्वारा आयोजित अभिभावक गोष्टी के कार्यक्रमों में कई बार सहभागी हुई थी और वहां हुए प्रबोधन को ठीक से आत्मसात भी किया था। माँ ने प्रताप को समझाया कि “जल हमारे जीवन की आवश्यकता है। हम इसका अपव्यय न करके इसका सही व सीमित उपयोग करेंगे तो यह हमारे लिए ही भविष्य में उपलब्ध रहेगा। यदि हम ही इसका अपव्यय करते रहे तो एक समय हम इसके लिए तरसेंगे।”</p>
<p style="text-align: justify;">ईशावास्य उपनिषद में व्यक्त ‘तेन त्यक्तेन भुंजीथा’ अर्थात त्याग की दृष्टि से उपभोग करो, इस जीवन दृष्टि को सरल शब्दों में माँ ने प्रताप को समझाया। प्रताप के मुख के भाव बता रहे थे कि उसे कुछ कुछ समझ आ रहा था।</p>
<p style="text-align: justify;">(लेखक विद्या भारती जोधपुर प्रान्त के संगठन मंत्री है।)</p>
<p><strong>और पढ़ें : <span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://rashtriyashiksha.com/pani-puri-thela/" target="_blank" rel="noopener">पानी पूरी का ठेला</a></span></strong></p>
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