भारतीय ज्ञान का खजाना-14 (‘अदृश्य स्याही का रहस्य – अग्र भागवत’)

✍ प्रशांत पोळ आमगांव यह महाराष्ट्र के गोंदिया जिले की एक छोटी सी तहसील, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सीमा से जुड़ा है। इस गांव…

भारतीय ज्ञान का खजाना-13 (खगोलशास्त्र – भारत की दुनिया को देन)

– प्रशांत पोळ कुछ वर्ष पहले, अर्थात् एकदम सटीक कहें तो अप्रैल 2016 से, मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में सिंहस्थ कुम्भ मेले का आयोजन हुआ।…

भारतीय ज्ञान का खजाना-12 (भारत ही है प्लास्टिक सर्जरी का जनक)

– प्रशांत पोळ पहली बार दिल्ली में भाजपा की सरकार आए हुए बमुश्किल पांच महीने हो रहे थे। ठीक से कहें, तो वह दिन था,…

भारतीय ज्ञान का खजाना-11 (‘सिरी भूवलय’ – एक अदभुत एवं चमत्कारिक ग्रन्थ)

– प्रशांत पोळ अंकों में लिखा हुआ अद्भुत ग्रंथ, जिसे 18 लिपियों के माध्यम से 718 भाषाओं में पढ़ा जा सकता है। हमारे भारत के…

भारतीय ज्ञान का खजाना-10 (भारत का उन्नत धातुशास्त्र)

– प्रशांत पोळ हमारे भारत में, जहां-जहां भी प्राचीन सभ्यता के प्रमाण मिले हैं (अर्थात् नालन्दा, हड़प्पा, मोहन जोदड़ो, तक्षशिला, धोलावीरा, सुरकोटड़ा, दायमाबाग, कालीबंगन इत्यादि),…

भारतीय ज्ञान का खजाना-9 (भारत का प्राचीन ‘संपन्न’ रसायन शास्त्र)

–  प्रशांत पोळ पारे की खोज किसने की? इस प्रश्न का निश्चित एवं समाधान कारक उत्तर कोई नहीं देता। पश्चिमी दुनिया को सत्रहवीं शताब्दी तक…

भारतीय ज्ञान का खजाना-8 (भारतीय शिल्पकला – कला की सर्वोच्च अभिव्यक्ति)

–  प्रशांत पोळ सन् 1957 की घटना है। उज्जैन में रहने वाले एवं पुरातत्व विषय के विश्व प्रसिद्ध जानकार, डॉक्टर श्रीधर विष्णु वाकणकर, ट्रेन से…

भारतीय ज्ञान का खजाना – 7 (भारतीय संस्कृति के वैश्विक पदचिन्ह – 2)

 – प्रशांत पोळ पिछले लेख में हमने भारत के पश्चिमी दिशा में भारतीय संस्कृति के पदचिन्ह खोजने का प्रयास किया था। ‘बेरेनाईक परियोजना’ जैसे पुरातात्विक…

भारतीय ज्ञान का खजाना – 6 (भारतीय संस्कृति के वैश्विक पदचिन्ह – 1)

–  प्रशांत पोळ गुजरात के सोमनाथ मंदिर के बाण-स्तंभ पर एक श्लोक उकेरा हुआ (लिखा हुआ) है – “आसमुद्रांत दक्षिण ध्रुव पर्यंत अबाधित ज्योतिर्मार्ग…!” [‘इस…

भारतीय ज्ञान का खजाना – 5 (भारत का उन्नत नौकायन शास्त्र – भाग दो)

–  प्रशांत पोळ मार्को पोलो (१२५४-१३२४) को एक अत्यंत साहसी समुद्री यात्री माना जाता है। इटली के इस व्यापारी ने भारत होते हुए चीन तक…