भारतीय ज्ञान का खजाना-9 (भारत का प्राचीन ‘संपन्न’ रसायन शास्त्र)

–  प्रशांत पोळ पारे की खोज किसने की? इस प्रश्न का निश्चित एवं समाधान कारक उत्तर कोई नहीं देता। पश्चिमी दुनिया को सत्रहवीं शताब्दी तक…

भारतीय ज्ञान का खजाना-8 (भारतीय शिल्पकला – कला की सर्वोच्च अभिव्यक्ति)

–  प्रशांत पोळ सन् 1957 की घटना है। उज्जैन में रहने वाले एवं पुरातत्व विषय के विश्व प्रसिद्ध जानकार, डॉक्टर श्रीधर विष्णु वाकणकर, ट्रेन से…

भारतीय ज्ञान का खजाना – 7 (भारतीय संस्कृति के वैश्विक पदचिन्ह – 2)

 – प्रशांत पोळ पिछले लेख में हमने भारत के पश्चिमी दिशा में भारतीय संस्कृति के पदचिन्ह खोजने का प्रयास किया था। ‘बेरेनाईक परियोजना’ जैसे पुरातात्विक…

भारतीय ज्ञान का खजाना – 6 (भारतीय संस्कृति के वैश्विक पदचिन्ह – 1)

–  प्रशांत पोळ गुजरात के सोमनाथ मंदिर के बाण-स्तंभ पर एक श्लोक उकेरा हुआ (लिखा हुआ) है – “आसमुद्रांत दक्षिण ध्रुव पर्यंत अबाधित ज्योतिर्मार्ग…!” [‘इस…

भारतीय ज्ञान का खजाना – 5 (भारत का उन्नत नौकायन शास्त्र – भाग दो)

–  प्रशांत पोळ मार्को पोलो (१२५४-१३२४) को एक अत्यंत साहसी समुद्री यात्री माना जाता है। इटली के इस व्यापारी ने भारत होते हुए चीन तक…

भारतीय ज्ञान का खजाना – 5 (भारत का उन्नत नौकायन शास्त्र – भाग एक)

–  प्रशांत पोळ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल थाईलैंड के बैंकाक हवाई अड्डे का नाम है – ‘सुवर्णभूमि विमानतल’। इस हवाई अड्डे में प्रवेश करते ही…

भारतीय ज्ञान का खजाना – 3 (भारत की प्राचीन कलाएं – भाग दो)

–  प्रशांत पोळ अक्सर छत्तीसगढ़ राज्य को हम नक्सलवाद से प्रभावित और अशांत प्रदेश के रूप में पहचानते हैं। परन्तु यह छत्तीसगढ़ का वास्तविक रूप…

भारतीय ज्ञान का खजाना – 3 (भारत की प्राचीन कलाएं – 1)

–  प्रशांत पोळ विश्व के किसी भी भूभाग में यदि किसी संस्कृति को टिके रहना है, जीवंत रहना है, तो उसे परिपूर्ण होना आवश्यक है।…

भारतीय ज्ञान का खजाना – 2 (प्राचीन जल व्यवस्थापन)

–  प्रशांत पोळ ‘पंच महाभूत मंदिरों का रहस्य’ नामक लेख पर लोगों ने प्रतिक्रियाओं की अक्षरशः वर्षा ही कर दी। सोशल मीडिया के माध्यम से…

भारतीय ज्ञान का खजाना – 1 (पंचमहाभूतों के मंदिरों का रहस्य)

– प्रशांत पोळ इस लेखमाला, अर्थात् ‘भारतीय ज्ञान का खजाना’ का उद्देश्य है कि हमारे देश में छिपी हुई अनेक अद्भुत एवं ज्ञानपूर्ण बातों को…