भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 41 (मनोवैज्ञानिक सन्दर्भ में संस्कार)

 – वासुदेव प्रजापति हम संस्कारों को तीन सन्दर्भों में समझ सकते हैं। ये तीन सन्दर्भ हैं —। मनोवैज्ञानिक सन्दर्भ में सामाजिक-सांस्कृतिक सन्दर्भ में पारम्परिक कर्मकांड…

ज्ञान की बात 40 (संस्कार परम्परा)

 – वासुदेव प्रजापति संस्कार शब्द का प्रयोग सर्वत्र प्रचलित है। शिक्षा में संस्कारों का अभाव सर्वविदित है। विशेष रूप से शिशु शिक्षा में संस्कारों का…

कैसे अंग्रेजो ने ध्वस्त की भारत की विकसित चिकित्सा प्रणाली : आओ जाने – 2

 – प्रशांत पोळ भारतीय चिकित्सा प्रणाली, एक अत्यंत विकसित पद्धति थी। इन पश्चिम के डॉक्टर्स को जिसका अंदाज भी नहीं था, ऐसी ‘प्लास्टिक सर्जरी’ जैसी…

कैसे अंग्रेजो ने ध्वस्त की भारत की विकसित  चिकित्सा प्रणाली : आओ जाने – 1

  – प्रशांत पोळ भारत में स्वास्थ्य सेवाओं का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। विश्व का प्रथम विश्वविद्यालय तक्षशिला भारत में था। ईसा के लगभग…

आजाद हिंद फौज की भूमिका

 – डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता नेताजी सुभाष चंद्र बोस को आजाद हिंद फौज अथवा इंडियन नेशनल आर्मी का वास्तविक संस्थापक और संगठक माना जाता है। भारत…

ज्ञान की बात 39 (परमेष्ठीगत विकास)

 – वासुदेव प्रजापति अब तक हमने व्यष्टिगत विकास, समष्टिगत विकास और सृष्टिगत विकास को समझा, आज हम परमेष्ठीगत विकास को समझेंगे। विकास का यह अन्तिम…

ज्ञान की बात 38 (सृष्टिगत विकास)

 – वासुदेव प्रजापति अब तक हमने व्यष्टि और समष्टि के सम्बन्धों को जाना, आज हम सृष्टि के साथ व्यक्ति के सम्बन्धों को जानने का प्रयत्न…

कैसे अंग्रेजों ने ध्वस्त की भारत की विकसित शिक्षा प्रणाली : आओ जाने – 2

– प्रशांत पोळ ऑस्ट्रिया के एक मिशनरी, जॉन फिलिप वेस्डिन, अठारहवीं शताब्दी के अंत में केरल के मलाबार में काम कर रहे थे। । वर्ष…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-36 (राष्ट्रगत विकास)

 – वासुदेव प्रजापति व्यष्टि और समष्टि के सम्बन्धों के अन्तर्गत हमने व्यक्ति और परिवार तथा व्यक्ति और समाज के सम्बन्धों को जाना। आज हम व्यक्ति…

नदियों के मर्म को सुनना ही होगा

 – डॉ० रविन्द्र नाथ तिवारी नदियों के देश कहे जाने वाले भारत में मुख्यतः चार नदी प्रणालियाँ हैं। उत्तर भारत में सिंधु, मध्य भारत में…