– वासुदेव प्रजापति भिक्षा नाम सुनते ही हमारे मन में हेय भाव आता है। क्यों? इसलिए कि भिक्षा मांगने वाला बिना किसी मेहनत के और…
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भक्त कवि नरसिंह महेता
– अनिल रावल ईसा की 15वीं सदी में हुए गुजरात के कवि नरसिंह महेता ‘आदि कवि’ के नाम से जाने जाते है। लोकहृदय में उनका…
भारत ही पुण्य भूमि क्यों?
– डॉ शिवभूषण त्रिपाठी एक ही परमात्मा-सत्ता सर्वत्र विद्यमान है। अतल, वितल, सुतल, तलातल, रसातल, महातम, पाताल और भू: भुव: स्व:, मह, जन:, तप:, सत्यम्-…
राष्ट्रीय शिक्षा पर सुब्रमण्यम भारती – जन्म दिन विशेष
– मूल लेखक (अंग्रेजी) K. PONRAMAN – हिंदी अनुवाद डॉ० कुलदीप मेहंदीरत्ता महाकवि सुब्रमण्यम भारती (11 दिसम्बर, 1882 – 11 सितम्बर, 1921) तमिल कवि, समाज…
SUBRAMANYA BHARATI ON NATIONAL EDUCATION – Birth Anniversary Special
-K. PONRAMAN Subramanya Bharati (11 December 1882- 11 September 1921) referred as Mahakavi (the great poet) was a Tamil poet, a social reformer and a…
घर, एक संस्कार केन्द्र
– दिलीप वसंत बेतकेकर परीक्षाएं सम्पन्न हुईं, छुट्टियाँ शुरू हुई कि अनेक स्थानों पर संस्कार कक्षाएं प्रारंभ हो जाती हैं। पालक बड़े उत्साह के साथ…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-22 (गुरु दक्षिणा)
– वासुदेव प्रजापति भारतीय शिक्षा व्यवस्था आज की शिक्षा व्यवस्था से अनेक बातों में श्रेष्ठ है। भारत में शिक्षा का विचार अर्थ के साथ जोड़कर…
पाती बिटिया के नाम-16 (बुद्धि सम्राट-लाला हरदयाल)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! नए सत्र का प्रारंभ हुआ। नई-नई पुस्तकें सामने आ गई। एक बार फिर युद्ध छिड़ गया, वर्ष भर के…
गुरु नानक जी की उदासियों (आध्यात्मिक यात्राएँ) का अवदान
– डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता विश्व की जनता को भक्ति का संदेश देने और उनका आध्यात्मिक मार्गदर्शन करने के लिए परम संत श्री गुरु नानक देव…
बाल केन्द्रित क्रिया आधारित शिक्षा-24 (आंग्ल भाषा शिक्षण)
– रवि कुमार भारत में आंग्ल भाषा सीखना एक भूत की तरह है, जिसका डर हमेशा लगा रहता है। यह स्वाभाविक भी है। आंग्ल भाषा…