भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-23 – भिक्षा (मधुकरी)

 – वासुदेव प्रजापति भिक्षा नाम सुनते ही हमारे मन में हेय भाव आता है। क्यों? इसलिए कि भिक्षा मांगने वाला बिना किसी मेहनत के और…

भक्त कवि नरसिंह महेता

 – अनिल रावल ईसा की 15वीं सदी में हुए गुजरात के कवि नरसिंह महेता ‘आदि कवि’ के नाम से जाने जाते है। लोकहृदय में उनका…

भारत ही पुण्य भूमि क्यों?

 – डॉ शिवभूषण त्रिपाठी एक ही परमात्मा-सत्ता सर्वत्र विद्यमान है। अतल, वितल, सुतल, तलातल, रसातल, महातम, पाताल और भू: भुव: स्व:, मह, जन:, तप:, सत्यम्-…

राष्ट्रीय शिक्षा पर सुब्रमण्यम भारती – जन्म दिन विशेष

 – मूल लेखक (अंग्रेजी) K. PONRAMAN  – हिंदी अनुवाद डॉ० कुलदीप मेहंदीरत्ता महाकवि सुब्रमण्यम भारती (11 दिसम्बर, 1882 – 11 सितम्बर, 1921)  तमिल कवि, समाज…

SUBRAMANYA BHARATI ON NATIONAL EDUCATION – Birth Anniversary Special

 -K. PONRAMAN Subramanya Bharati (11 December 1882- 11 September 1921) referred as Mahakavi (the great poet) was a Tamil poet, a social reformer and a…

घर, एक संस्कार केन्द्र

 – दिलीप वसंत बेतकेकर परीक्षाएं सम्पन्न हुईं, छुट्टियाँ शुरू हुई कि अनेक स्थानों पर संस्कार कक्षाएं प्रारंभ हो जाती हैं। पालक बड़े उत्साह के साथ…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-22 (गुरु दक्षिणा)

 – वासुदेव प्रजापति भारतीय शिक्षा व्यवस्था आज की शिक्षा व्यवस्था से अनेक बातों में श्रेष्ठ है। भारत में शिक्षा का विचार अर्थ के साथ जोड़कर…

पाती बिटिया के नाम-16 (बुद्धि सम्राट-लाला हरदयाल)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! नए सत्र का प्रारंभ हुआ। नई-नई पुस्तकें सामने आ गई। एक बार फिर युद्ध छिड़ गया, वर्ष भर के…

गुरु नानक जी की उदासियों (आध्यात्मिक यात्राएँ) का अवदान

– डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता विश्व की जनता को भक्ति का संदेश देने और उनका आध्यात्मिक मार्गदर्शन करने के लिए परम संत श्री गुरु नानक देव…

बाल केन्द्रित क्रिया आधारित शिक्षा-24 (आंग्ल भाषा शिक्षण)

 – रवि कुमार भारत में आंग्ल भाषा सीखना एक भूत की तरह है, जिसका डर हमेशा लगा रहता है। यह स्वाभाविक भी है। आंग्ल भाषा…