– चान्दकिरणः व्यवसायात्मिका बुद्धिरेकेह कुरुनन्दन। बहुशाखा ह्यानन्ताश्च बुद्धयोऽव्यवसायिनाम्॥ (अर्थात् हे अर्जुन! अस्मिन् लोके कर्मयोगे प्रवृत्तिशीला बुद्धिः एका एव। परन्तु अप्रवृत्तिशीलानाम् अस्थिर-चित्तानां जनानां बुद्ध्यस्तु बहुभेदाः अनन्ताश्च…
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शिक्षक साथियों, आओ हम आचार्य बनें
– दिलीप बेतकेकर मैं अभी-अभी एक विद्यालय में शिक्षक पद पर पदस्थ हुआ था। नया ही था विद्यालय में। मेरे से एक-दो वर्ष पूर्व से…
पंडित दीनदयाल उपाध्याय – व्यक्ति नहीं विचार दर्शन है
– डॉ. सौरभ मालवीय “भारत में रहने वाला और इसके प्रति ममत्व की भावना रखने वाला मानव समूह एक जन हैं। उनकी जीवन प्रणाली, कला,…
भारतीय शिक्षा के आध्यात्मिक आधार – भाग चार (पुरुषार्थ चतुष्टय की शिक्षा)
– ब्रज मोहन रामदेव भारतीय ज्ञान के क्षेत्र में पुरुषार्थ चतुष्ट्य का विशेष महत्व है। पुरुषार्थ चतुष्टय मानव जीवन के चार सदस्यों को संदर्भित करते…
आज की दुर्गा
– गोपाल माहेश्वरी नगर के अनेक चौराहों पर गरबों की धूम मची थी। रंगबिरंगी तेज जगमगाहट, भक्ति गीतों के पारंपरिक और फिल्मी धुनों वाले गरबा-गीतों…
भारतीय ज्ञान का खजाना-34 (प्राचीन भारतीय न्याय व्यवस्था – १)
✍ प्रशांत पोळ सामान्यतः ऐसा माना जाता है (और जो शालेय/ महाविद्यालयीन शिक्षा से और दृढ़ होता गया है) कि, न्याय प्रणाली, न्यायालय, न्यायमूर्ती, वकील….…
समाज में पनपतीं गाली गलौज प्रवृत्ति का तरुणों पर नकारात्मक प्रभाव और निवारण
– डॉ. बालाराम परमार ‘हँसमुख’ आजकल समाज में सभी उम्र के नर नारी में बात बात पर गाली गलौज करने की आदत बढ़ती ही जा…
क्या हैं आरएसएस के पंच परिवर्तन
– डॉ. इंदिरा दाँगी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक शताब्दी पुराना एक ऐसा संगठन है जिसे देश सेवा, आपात स्थितियों में नागरिक-सहायता और सांस्कृतिक उत्थान के…
म्हारी आँखड़ल्यां रो तारो प्यारो राजस्थान…
म्हारी आँखड़ल्यां रो तारो प्यारो राजस्थान…भूमिपूजन व शिलान्यास..भूणिया (बाड़मेर)
हल्दी घाटी युद्ध विजय@450 वर्ष – वामपंथ की उघड़ती परतें
– अनुराग सक्सेना अंग्रेजों ने इतिहास के साथ छेड़छाड़ का जो सिलसिला शुरू किया, उसे वामपंथी इतिहासकारों, साहित्यकारों ने आजादी के बाद भी जारी रखा।…