– वासुदेव प्रजापति आज देश के गाँव-गाँव तथा गली-गली में विद्यालय खुलते जा रहे हैं। क्यों? क्योंकि हमने शिक्षा को व्यवसाय बना लिया है।…
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पालकों, शाला के मित्र बनो
– दिलीप वसंत बेतकेकर आपने आपके पाल्य के लिए शाला का चयन कर प्रवेश प्राप्त कर लिया या पूर्व की शाला में ही बच्चे का…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-20 (अध्यापन)
– वासुदेव प्रजापति अध्यापन ( पढ़ाना ) अध्ययन अर्थात् पढ़ना और अध्यापन अर्थात् पढ़ाना। पढ़ना और पढ़ाना दोनों एक ही क्रिया के दो पद हैं।…
महाऋषि वाल्मीकि का अवदान
-डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता भाग्यशाली भारत भूमि पर समय समय पर महापुरुषों ने अवतार लिया है और अपनी वाणी व कलम से भारत का ही नहीं…
बाल केन्द्रित क्रिया आधारित शिक्षा-23 (शारीरिक शिक्षा)
– रवि कुमार स्वामी विवेकानन्द के अनुसार ‘श्रीमद भगवदगीता’ जैसे पवित्र ग्रंथ के अध्ययन से पूर्व फुटबॉल खेलना ज्यादा आवश्यक है। ‘श्रीमद भगवदगीता’ वीरों का…
पाती बिटिया के नाम-13 (‘नेताजी’ शब्द गाली नहीं)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! कुछ समय पूर्व की बात है। दो भैया आपस में लड़कर अपनी शिकायत लेकर मेरे पास आए थे। दोनों…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-19 (अध्ययन)
– वासुदेव प्रजापति अध्ययन (पढ़ना) अध्ययन का अर्थ है, “पढ़ना”। पढ़ना और पढ़ाना या अध्ययन और अध्यापन एक ही क्रिया के दो स्वरूप हैं। हम…
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और हमारी ज्ञान विरासत भाग-3
– वासुदेव प्रजापति रसायन शास्त्रज्ञों की भारत में कभी कमी नहीं रही। नागार्जुन, वाग्भट्ट, यशोधर, रामचन्द्र तथा सोमदेव प्रमुख रसायनज्ञ थे। हमारे यहाँ दस रस…
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और हमारी ज्ञान विरासत भाग-2
– वासुदेव प्रजापति भारतीय शिक्षा भारतीय समाज की सुव्यवस्था का श्रेय सनातन शिक्षा व्यवस्था को है। डा. ए एस अल्तेकर के अनुसार उपनिषत्काल में भारत…
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और हमारी ज्ञान विरासत
– वासुदेव प्रजापति आदिकाल से अखिल विश्व को देती जीवन यही धरा, गौरवशाली परम्परा। सघन ध्यान एकाग्र ज्योति से, किये गहनतम अनुसन्धान। कला शिल्प संगीत…