अग्रिम पंक्ति का योद्धा – हरिगोपाल बल

 – गोपाल माहेश्वरी संकटों में देख माँ को पुत्र क्यों ना क्रुद्ध हो, क्या अवस्था अर्थ रखती छिड़ चुका जब युद्ध हो। बंगाल में ‘मास्टर…

बब्बर अकाली-दलीप सिंह

 – गोपाल माहेश्वरी देशद्रोही देश के दुश्मन से भी घातक अधिक है। राह के काँटे कुचलते जो बढ़ें हम वो पथिक हैं। “आजादी कभी गिड़गिड़ाते…

निर्भीक किशोर-ननी गोपाल

 – गोपाल माहेश्वरी कल्पना भी आज उसकी है भला संभव कहीं, यातना यमयातना से बढ़ शहीदों ने सही। “कितने साल के हो?” अंग्रेज़ न्यायाधीश क्रूर…

वीर बालक बिशन सिंह कूका

 – गोपाल महेश्वरी देशधर्म पर बलि हो जाना बचपन से जो सीख चुके। अत्याचार-क्रूरता-पशुता झेल गए पर नहीं झुके।। 1857 का स्वतंत्रता संग्राम सब देशभक्तों…

साहसी बालिका मैना

 – गोपाल महेश्वरी ज्वालामुखी पिता की बेटी, ज्वाला बनकर ही पलती है। उसे कहाँ भय जल जाने का, जिसमें क्रांति-ज्वाल जलती है। भगवान की पूजा…