नमो नमः भारतीय संस्कृती एवं परंपरा निर्वाह हेतू नयी पिढी जो भविष्य मे उज्वल भारत कि गरिमा कायम रखते हुये अखिल विश्र्व को वसुधैव कुटुम्बकम् का अनुपालन करेंगे। हम शिक्षक नया भारत के निर्माण कार्य से प्रेरित हो। धन्यवाद । वन्दे मातरम्। श्रीमती अंजली भवानीशंकर देव प्रधानाचार्या – मणीबाई गुजराती हायस्कूल ,ज्युनियर काँलेज, अमरावती. महाराष्ट्र.. Reply
सादर प्रणाम, निश्चित रूप से धर्म ही राष्ट्र का मार्ग प्रशस्त करता है और धर्म वही है जिसके आधार पर समाज में संस्कृति और सामाजिक विकास प्रारंभ हो जाता है इसलिए कहा है जहां धर्म है वही जीत है और इससे राष्ट्रीय शिक्षा नीति में महत्वपूर्ण स्थान आवश्यक Reply