शिशु शिक्षा – 12- तीन से पांच वर्ष के शिशु का पालन पोषण (संगोपन)

 – नम्रता दत्त शिशु अवस्था (0 से 05 वर्ष) स्वाभाविक विकास की अवस्था है। यह विकास शिशु अपनी अन्तःप्रेरणा से ही करता है। इस अवस्था…

ज्ञान की बात 40 (संस्कार परम्परा)

 – वासुदेव प्रजापति संस्कार शब्द का प्रयोग सर्वत्र प्रचलित है। शिक्षा में संस्कारों का अभाव सर्वविदित है। विशेष रूप से शिशु शिक्षा में संस्कारों का…

कैसे अंग्रेजो ने ध्वस्त की भारत की विकसित चिकित्सा प्रणाली : आओ जाने – 2

 – प्रशांत पोळ भारतीय चिकित्सा प्रणाली, एक अत्यंत विकसित पद्धति थी। इन पश्चिम के डॉक्टर्स को जिसका अंदाज भी नहीं था, ऐसी ‘प्लास्टिक सर्जरी’ जैसी…

कैसे अंग्रेजो ने ध्वस्त की भारत की विकसित  चिकित्सा प्रणाली : आओ जाने – 1

  – प्रशांत पोळ भारत में स्वास्थ्य सेवाओं का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। विश्व का प्रथम विश्वविद्यालय तक्षशिला भारत में था। ईसा के लगभग…

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का एक पृष्ठ : कूका आन्दोलन

 – रत्नचंद सरदाना 1857 ई. के स्वतंत्रता संग्राम में हम पराजित हुए किंतु देश के लोगों ने उसे पराजय को स्वीकार नहीं किया। स्थान-स्थान पर…

ऋतुचर्या अनुसार भोजन

 – रवि कुमार जुलाई-अगस्त का मास है। वर्षा होने की संभावना है। घर के सदस्यों में चर्चा चल रही है और वर्षा होने लगती है।…

आजाद हिंद फौज की भूमिका

 – डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता नेताजी सुभाष चंद्र बोस को आजाद हिंद फौज अथवा इंडियन नेशनल आर्मी का वास्तविक संस्थापक और संगठक माना जाता है। भारत…

शिशु शिक्षा – 11- एक से तीन वर्ष के शिशु का पालन पोषण (संगोपन)

 – नम्रता दत्त ‘शिक्षा’ विकास की जीवन पर्यन्त चलने वाली एक सतत् प्रक्रिया है। गत सोपानों के अध्ययन के आधार पर यह भी समझ में…

पाती बिटिया के नाम-32 (देव पशु?)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! वैसे तो ‘पशु’ शब्द ही अपने आप में निम्रता का सूचक होता है किन्तु क्या जब भी आप किसी…

ज्ञान की बात 39 (परमेष्ठीगत विकास)

 – वासुदेव प्रजापति अब तक हमने व्यष्टिगत विकास, समष्टिगत विकास और सृष्टिगत विकास को समझा, आज हम परमेष्ठीगत विकास को समझेंगे। विकास का यह अन्तिम…