कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence)

 – रवि कुमार

मानव सभ्यता में बुद्धि के विकास की बात कही गई है। पंच कोशीय विकास में विज्ञानमय कोश का विकास अर्थात बुद्धि का विकास। बुद्धि की विभिन्न प्रकार की शक्तियां यथा- ग्रहण शक्ति, धारणा, स्मृति, निरीक्षण-परीक्षण, तर्क-अनुमान, कल्पना, संश्लेषण-विश्लेषण शक्ति का विकास होगा तो बुद्धि का विकास माना जाएगा। 21वीं शताब्दी में तकनीकी का अत्यधिक उपयोग हो रहा है। ऐसे में तकनीक के बिना किसी कार्य की कल्पना करना कठिन है। इस शताब्दी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) की चर्चा गत तीन-चार वर्षों से अधिक होने लगी है। ये कृत्रिम बुद्धि (AI) क्या है?

कृत्रिम बुद्धि (AI)

मान लीजिए आपने कोई स्मार्ट वाच खरीदनी है और नेट पर आपने इस विषय में सर्च किया। अमेजन, फ्लिपकार्ट आदि ऑनलाइन शॉपिंग वाली बहुत सी वेबसाइट सर्च ऑप्शन में आपके सामने आ जाती हैं। आप उस पर खरीददारी नहीं करते। बाद में आप किसी भी सोशल मीडिया हैंडल पर सर्फिंग कर रहे होंगे तो जहाँ-जहाँ विज्ञापन दिखेगा वह स्मार्ट वाच का ही होगा। ऐसा एक दिन नहीं, कई दिन तक होगा। अब विचार करने का प्रश्न यह है कि विज्ञापन वालों को कैसे पता कि आपने स्मार्ट वाच खरीदनी है। यही है कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)। गूगल पर जब आप सर्च कर रहे थे तो गूगल AI ने आपका मनोभाव रिकॉर्ड कर लिया और गूगल विज्ञापन जहाँ-जहाँ आ रहा है, उस पर वैसा ही विज्ञापन देना प्रारम्भ कर दिया।

ऐसा कैसे होता है कि एक मशीन हमारे मनोभाव को रिकॉर्ड करें और उस अनुरूप व्यवहार करें। इसे मशीन लर्निंग कहते है। भौतिक विज्ञान व गणित सांख्यिकी के सूत्र, डेटा बेस और तकनीक के प्रयोग से मशीन लर्निंग होती है। मनुष्य का जैसे जैसे अनुभव बढ़ता है, वैसी ही जानकारी भी बढ़ती है। मशीन लर्निंग में भी डेटा बेस व प्रोसेस बढ़ती जाती तो लर्निंग भी बढ़ती जाती है। इस कार्य में अधिक अच्छे परिणाम के लिए डेटा बेस बड़ा चाहिए। डेटा बेस जितना बड़ा होगा, AI उतना अच्छा कार्य करेगी।

हम स्मार्ट फोन उपयोग करते हैं और हर समय इंटरनेट उपयोग करते हैं तो फोन का माइक हमारी आवाज को सुनता रहता है। मान लीजिए आप काशी विश्वनाथ के दर्शन करने जाने की बात करते हैं तो सोशल मीडिया पर विज्ञापन में यात्रा संबंधी अनेक विकल्प दिखाएगा। हम यूट्यूब पर देशभक्ति का वीडियो देख रहे हैं, आगे के परिणामों में वह देशभक्ति के वीडियो आदि ही दिखाएगा। यूट्यूब में जो AI कार्य कर रहा है वह आपके मूड़ को रिकॉर्ड कर उसके अनुसार व्यवहार कर रहा है। आप जिस प्रकार की वीडियो अधिक देखते है, यूट्यूब आपकी वॉल पर उसी प्रकार की वीडियो के विकल्प अधिक दिखाएगा।

AI का निर्माण व विकास

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), कम्प्यूटर की एक शाखा है जो मशीनों और सॉफ्टवेयर को बुद्धि के साथ विकसित करता है। 1955 में जॉन मैकार्थी ने इसको कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) का नाम दिया और उसके बारे में “विज्ञान और इंजीनियरिंग की बुद्धिमान मशीनें” बनाने के रूप में परिभाषित किया। 1956  में वैज्ञानिकों ने इस पर अध्ययन करना प्रारंभ किया। 2015 AI के लिए एक ऐतिहासिक वर्ष था। वर्ष 2015-2019 में AI में अनुसंधान की मात्रा में 50% की वृद्धि हुई। 2017 में, कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने घोषणा की कि गूगल ‘AI First’ कंपनी के रूप में काम करेगा।

कहाँ-कहाँ हो रहा है AI का उपयोग

  1. ऑटोमोबाइल क्षेत्र – AI आधारित सेल्फ ड्राइविंग कार बनाने का कार्य चल रहा है जिसमें चालक की आवश्यकता नहीं है। डिजिटल सिस्टम चालक का कार्य करता है। Tesla Car इसका उदाहरण है। Ola-Uber कार सर्विस एप्प में भी AI का उपयोग होता है।
  2. शिक्षा – विद्यार्थी की आवश्यकता को जानने के लिए, विद्यार्थी की मजबूती किस विषय/क्षेत्र में है और वह अपना करियर उसे कैसे बना सकता है इस प्रकार के विषयों के लिए अनेक AI आधारित टूल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में वर्णित बालक का 360° मूल्यांकन AI आधारित टूल्स से ही संभव हो पाएगा।
  3. व्यवसाय – अमेजन व फ्लिपकार्ट जैसी ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट आज सर्वदूर उपयोग में है। इनमें भी AI उपयोग होता है जो उपभोक्ता/यूजर की आवश्यकता व मनोभाव के अनुसार उसे खरीददारी के लिए सुझाव देता है।
  4. निर्माण क्षेत्र – रोबोटिक्स का प्रयोग निर्माण क्षेत्र में अब बढ़ने लगा है। अंग-प्रत्यारोपण क्षेत्र में रोबोटिक बाजू का निर्माण हो रहा है जो AI आधारित कार्य करती है।
  5. शासन-प्रशासन – कोरोना काल में हमने ‘आरोग्य सेतु’ एप्प का उपयोग किया ही होगा। इस एप्प में AI का काफी उपयोग किया गया है।
  6. आर्थिक क्षेत्र – अर्थ व वित्त के दस्तावेजों के विश्लेषण के लिए भी AI आधारित टूल्स का उपयोग बढ़ने लगा है। बड़े डेटा बेस से विश्लेषण कर प्रतिफल निकालना AI से सरल और अधिक उत्पादक है।
  7. स्वास्थ्य क्षेत्र – स्वास्थ्य के क्षेत्र में इमेज स्कैन के माध्यम से मानव स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त कर डेटा बेस में जोड़ना व व्यक्ति को उसके अनुसार निर्देश देना, इस विषय पर शोध कार्य चल रहा है।
  8. गेमिंग – इस क्षेत्र में भी AI का उपयोग हो रहा है।
  9. वॉइस कमांड आधारित उपकरण – Alexa, Siri, OK Google वॉइस कमांड आधारित कार्य करने वाले उपकरण/टूल्स है। इसका उपयोग हमें घरेलू उपकरणों, एप्पल व एंड्रॉयड फोन आदि में होता मिलता है।

विशेष प्रयोग

सऊदी अरब ने सोफिया नामक रोबोट को वहाँ का नागरिक घोषित किया है। यह रोबोट मानव व्यवहार पर अध्ययन के लिए बनाया गया है और मानवों के मध्य उनकी तरह रहकर अध्यनन को डेटा बेस में सुरक्षित करेगा। अमेजन गो एक डिपार्टमेंटल स्टोर का कांसेप्ट आया है जिसमें AI आधारित आई कार्ड से प्रवेश मिलेगा। आपको जो खरीदना है उसे अपने थैले में रखिए और बाहर आ जाए। शुल्क स्वतः कट जाएगा और बिल आपके अकाउंट पर आ जाएगा। किसी भी प्रकार की पंक्ति में लगने की आवश्यकता नहीं है। IBM WATSON AI लैब तकनीशियन की तरह कार्य करता है जो मेडिकल चित्रों के द्वारा के आधार पर स्वास्थ्य सम्बन्धी रिपोर्ट तैयार करने में सक्षम है। गत दिनों AI का उपयोग कर एक लीगल रिसर्च में 12000 दस्तावेजों में से विश्लेष्णात्मक डेटा निकाला गया और मानवीय कार्य के 36000 घंटे बचाएं गए। इंडस इंटरनेशनल स्कूल बेंगलुरु में विश्व के पहले रोबोट टीचर का उपयोग हो रहा है। अध्यापक के साथ यह रोबोट सहायक का कार्य करता है। फेसबुक व ट्विटर जैसे सोशल प्लेटफार्म भी AI का काफी प्रयोग कर रहे हैं। AI उपयोग के ऐसे अनेक प्रयोग देश-दुनिया में हो रहे हैं।

AI के उपयोग के विषय में सावधानियां

AI का प्रयोग जहाँ रचनात्मक कार्यों में होता है वहाँ कुछ असामाजिक तत्त्व उसका दुरूपयोग कर दूसरों को हानि भी पहुंचाते हैं। आपको बिना पता लगे आपके बैंक अकाउंट से राशि निकल जाती है। आपके नाम से दूसरों से पैसा माँगा जाता है। थ्रेड व फ्रौड एस.एम.एस. / ईमेल / कॉल का प्रयोग कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। ऐसी अनेक घटनाएँ अपने आसपास सुनने को मिलती हैं। डेटा आज व्यापार की दृष्टि से बड़ा क्षेत्र है। बड़ा डेटा एकत्र करने के लिए अनेकानेक गलत प्रयास किए जाते हैं।

दैनिक जीवन में इन्टरनेट का उपयोग करते समय कुछ सावधानियों का ध्यान रखना आवश्यक है। यदि स्मार्ट फोन का उपयोग करते हैं तो हर समय डेटा ऑन न रखे। जब आवश्यकता हो तभी डेटा ऑन करें। Untrusted या थर्ड पार्टी एप्प का उपयोग न करें। सोशल मीडिया का उपयोग करते समय अनावश्यक विज्ञापन व पॉपअप को क्लिक न करें। नेट सर्फिंग करते समय सावधानी से प्रयोग करें। लैपटॉप या पी.सी. में उचित एंटीवायरस का प्रयोग करें। अनावश्यक एस.एम.एस. / ईमेल आदि न खोले और न ही किसी लिंक को क्लिक करें। मजबूत पासवर्ड का प्रयोग करें। पासवर्ड सेक्युरिटी में Two-step verification का प्रयोग करना ठीक रहता है।

AI को देखने की दृष्टि

दैनिक व्यवहार के प्रत्येक क्षेत्र में AI का प्रयोग बढ़ रहा है। इससे डरने की आवश्यकता नहीं है। आवश्यकता है इसे समझने की, अपने अनुरूप उपयोग में लाने की और सतर्क रहकर एक्सप्लोर करने की। आज ओपन प्लेटफोर्म पर इससे जुड़े अनेक टूल उपलब्ध है जिनका उपयोग हम अपने दैनंदिन कार्य को सुगम बनाने के लिए कर सकते हैं। उन टूल्स का उपयोग कर अपने अनुरूप सॉफ्टवेयर भी विकसित कर सकते हैं। आज तकनीक से अलग चलेंगे तो पिछड़ जाएँगे। आइए, तकनीक को सीखते हुए, उसे अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप ढालते हुए, उसके साथ चलें…।

(लेखक विद्या भारती दिल्ली प्रान्त के संगठन मंत्री है और विद्या भारती प्रचार विभाग की केन्द्रीय टोली के सदस्य है।)

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